बिस्तर पर बैठकर भोजन करना और किचन-बाथरूम से जुड़ी ये 5 गलतियां, इंसान को बना सकती हैं कंगाल


जिंदगी में कई बार इंसान की छोटी सी गलती उससे लिए कई परेशानियों का कारण बन जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार वास्तु से जुड़ी गलतियों के कारण मुश्किल खड़े हो जाते हैं. साथ ही घर में बरकत नहीं होती है. इसके अलावा व्यक्ति कर्जों के बोझ से परेशान रहता है. जिसे चुका पाना नामुमकिन सा लगने लगता है. वास्तु शास्त्र में ऐसी तमाम गलतियों का उल्लेख मिलता है. ऐसे में जानते हैं उन 5 गलतियों के बारे में जो किसी भी इंसान के लिए आर्थिक तंगी ला सकता है. 

वास्तु से जुड़ी से गलतियां बन सकती हैं कंगाली का कारण

-अधिकांश घरों में कूड़े के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डस्टबिन को घर बाहर या प्रवेश द्वार पर रख दिया जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं. वास्तु के जानकार बताते हैं कि इस गलती से इंसान कंगाल तक हो सकता है. ऐसे में घर के प्रवेश द्वार को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए.

कई लोग घर में बिस्तर पर आराम से बैठकर खाना खाते हैं. वास्तु शास्त्र में इसे लेकर कड़ी चेतावनी दी गई है. वास्तु शास्त्र के जानकार बताते हैं कि इस एक गलती के कारण इंसान गरीब बन सकता है. इसके अलावा इस गलती से परिवार की सुख-सृद्धि में बाधा उत्पन्न होती है. 

वास्तु शास्त्र के मुताबिक किचन में जूठे और खुले खाली बर्तन रखना अशुभ है. अगर किसी कारण से रात में झूठे बर्तन साफ नहीं करते तो उन्हें किचन में ना रखें. रात में किचन को अच्छे से साफ करके ही बिस्तर पर जाना चाहिए. दरअसल ऐसा ना करने से जीवन में आर्थिक संकट आता है. 

-दान का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है. हालांकि शाम के वक्त कुछ चीजों दूसरों को नहीं देनी चाहिए. वास्तु शास्त्र के मुताबिक शाम के समय दूध, दही और नमक का दान नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से घर में दरिद्रता का वास होने लगता है. 

वास्तु शास्त्र के मुताबिक रात के समय बाथरूम में पानी के बर्तनों को खाली नहीं रखना चाहिए. बाथरूम में कम से कम एक बाल्टी पानी से भरा हुआ रहना चाहिए. ये घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देता है. साथ ही आर्थिक तंगी से भी बचाता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Janmat Live इसकी पुष्टि नहीं करता है.)


1
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *