हर हफ्ते म‍िलेगी 3 दिन की छुट्टी, सरकार ने बताया कब लागू होगा नया वेज कोड


अगर आप भी नौकरीपेशा हैं तो यह खबर आपको खुश कर देगी. जी हां, देश में जल्‍द ही चार लेबर कोड (श्रम संहिता) की योजना लागू होने वाली है. इसके बाद आपको हर हफ्ते तीन वीक ऑफ म‍िलने शुरू हो जाएंगे. केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया क‍ि 90 प्रत‍िशत राज्यों ने लेबर कोड के नियमों का मसौदा तैयार कर लिया है और इन्हें जल्द लागू कर द‍िया जाएगा.

बदल जाएगी सैलरी से लेकर ऑफिस टाइमिंग तक

केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस बारे में जानकारी दी. यादव ने उम्मीद जताई कि चार श्रम संहिताओं को जल्द लागू क‍िया जाएगा. नया वेज कोड लागू होने के बाद सैलरी, ऑफिस टाइमिंग से लेकर PF रिटायरमेंट तक के नियमों में बदलाव हो जाएगा. उन्‍होंने कहा, नया कानून श्रम क्षेत्र में काम करने के बदलते तरीकों और न्यूनतम वेतन की आवश्यकता को समायोजित करने के लिए है.

असंगठित क्षेत्र के करीब 38 करोड़ कामगार

केंद्र सरकार की तरफ से श्रम कानून की चारों संहिताओं के लिए नियमों का मसौदा पहले ही जारी क‍िया जा चुका है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार देश में पूरे कार्यबल को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए काम कर रही है। इसीलिए ई-श्रम पोर्टल या असंगठित श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस बनाया जा रहा है. सरकार के अनुमान के मुताबिक, देश में असंगठित क्षेत्र के करीब 38 करोड़ कामगार हैं. आपको बताते हैं नए वेज कोड के लागू होने से क्‍या-क्‍या बदलने वाला है?

वर्क‍िंग ऑवर

नए वेज कोड में कामकाज (Working Hour) के अध‍िकतम घंटों को बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रस्ताव है. इसे हफ्ते के ह‍िसाब से 4-3 के अनुपात में बांटा गया है. यानी 4 दिन ऑफिस, 3 दिन वीक ऑफ. कर्मचारी को हर 5 घंटे के बाद 30 म‍िनट का ब्रेक देने का प्रस्ताव है.

30 मिनट ज्यादा काम करने पर ओवरटाइम

न्‍यू वेज कोड में 15 से 30 मिनट के अतिरिक्त काम को 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रस्‍ताव है. फ‍िलहाल के न‍ियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम नहीं माना गया है.

बदल जाएगा सैलरी स्ट्रक्चर

नए वेज कोड एक्ट (Wage Code Act) के मुताबिक, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी कंपनी की लागत (Cost To Company-CTC) के 50 प्रत‍िशत से कम नहीं हो सकती है. वेज कोड लागू होने के बाद कर्मचारियों की टेक होम सैलरी (Take Home Salary) घट जाएगी.

र‍िटायरमेंट पर म‍िलेगी ज्‍यादा रकम

पीएफ बढ़ने के साथ ग्रेच्‍युटी (Monthly Gratuity) में भी योगदान बढ़ जाएगा. यानी टेक होम सैलरी का घटने का फायदा पीएफ और रिटायरमेंट पर म‍िलेगा. सैलरी और बोनस से जुड़े नियम बदलेंगे.


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