Election Result 2022: वोटों की गिनती कब शुरू होगी, जाने यूपी चुनाव से जुड़े हर सवाल का जवाब


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों का आज (10 मार्च) एलान होगा। सुबह आठ बजे से मतगणना होगी। उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजे हमेशा राष्ट्रीय राजनीति पर हावी रहते हैं।

चुनाव के नतीजों पर पूरे देश की नजर है, क्योंकि माना जाता है रायसीना हिल्स का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है। राजनीतिक गलियारों की यह कहावत न तो पहली बार कही जा रही है और न ही आखिरी बार।

80 सांसद लोकसभा में भेजने वाले देश के सबसे बड़े प्रदेश को लेकर यह कहावत यूपी चुनाव के लिए हर बार दोहराई जाएगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश की विधानसभा में 403 सदस्य हैं और ये देश की सबसे बड़ी विधानसभा है। लिहाजा यह चुनाव जीतना हर सियासी दल के लिए काफी अहम होता है।

यूपी चुनाव से जुड़े सभी सवालों के जवाब यहां एक साथ हैं।

चुनाव की घोषणा कब हुई?

यूपी समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की घोषणा आठ जनवरी को हुई।

चुनाव कितने चरणों में हुआ?

उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से सात मार्च तक सात चरणों में मतदान हुआ था।

1. पहले चरण (10 फरवरी) में एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों की 58 सीटों पर वोट पड़े।

कहां– शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, अलीगढ़, बुलंदशहर, आगरा और मथुरा

2. दूसरे चरण (14 फरवरी) में नौ जिलों की 55 सीटों के लिए लड़ाई थी।

कहां– अमरोहा, बरेली, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, सहारनपुर, बिजनौर, संभल, रामपुर और बदायूं

3.तीसरे चरण (20 फरवरी) में 16 जिलों की 59 सीटों पर वोट डाले गए।

कहां-हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, इटावा, कासगंज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर व महोबा

4.चौथे चरण (23 फरवरी) में नौ जिलों की 59 सीटों पर मतदान हुआ।

कहां– पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर हरदोई, उन्नाव, लखनऊ रायबरेली, बांदा और फतेहपुर

5.पांचवें चरण (27 फरवरी) में 12 जिलों की 61 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए।

कहां– अमेठी, रायबरेली, अयोध्या, बहराइच, बाराबंकी, चित्रकूट, गोंडा, कौशांबी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, श्रावस्ती और सुल्तानपुर

6.छठे चरण (तीन मार्च) में चरण में 10 जिलों की कुल 57 सीटों पर वोट डाले गए।

कहां– बलरामपुर, अंबेडकर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया और बलिया

7.सातवें और अंतिम चरण (सात मार्च) के लिए नौ जिलों की 54 सीटों पर मतदान हुआ।

कहां– आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही

नतीजे कब आएंगे?

अब लोगों को गुरुवार को नतीजों के आने का इंतजार है। मतदान केंद्रों पर इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

वोटों की गिनती कब से शुरू होगी?

वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगी।

एग्जिट पोल में क्या बताया गया?

आखिरी चरण में मतदान संपन्न होने के बाद अधिकतर एग्जिट पोल में भाजपा को बहुमत दिखाया गया है।

कितनी हॉट सीटें?

हर चरण को मिला लें तो करीब 50 से 60 सीटें हॉट हैं, यानि इन पर जनता की सबसे ज्यादा नजर है।

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव करहल विधानसभा सीट से अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

किन नेताओं पर नजर?

वोटों की गिनती शुरू होते ही भाजपा से योगी आदित्यनाथ केशव प्रसाद मौर्य एसपी सिंह बघेल, श्रीकांत शर्मा, सुरेश राणा, संगीत सोम की सीटों पर नजर बनी रहेगी।

वहीं सपा नेताओं की बात करें तो अखिलेश यादव, मोहम्मद आजम खान अब्दुल्ला आजम, स्वामी प्रसाद मौर्य दारा सिंह चौहान, धर्म सिंह सैनी, ओम प्रकाश राजभर की सीटों पर नतीजों का इंतजार बना रहेगा।

किसने कितनी ताकत झोंकी?

पीएम नरेंद्र मोदी-

यूपी में 28 मैदानी और वर्चुअल रैलियां की, जबकि 2017 में 24 जनसभाएं की थीं।

अमित शाह

यूपी में 62 रैलियां और रोड शो, 2017 में 153 रैली की थी।

योगी आदित्यनाथ

यूपी में 207 चुनावी रैलियां और रोड शो किए। 2017 में 85 जनसभाएं की थीं।

अखिलेश यादव

यूपी में 150 से ज्यादा रैलियां-रोड शो किए, जबकि पिछले चुनाव में 205 रैलियां की थीं।

मायावती

बसपा सुप्रीमो ने यूपी में 20 रैलियां की जबकि 2017 में 50 की थीं।

प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में 115 जनसभाएं और रोड शो किए। इस बार काफी सक्रिय रहीं।

बयान जो चर्चा में रहे

नरेंद्र मोदी-28 फरवरी महाराजगंज

घोर परिवारवादी कभी भी भारत को समर्थ, यूपी को सश्कत नहीं बना सकते। समर्थ देश, सशक्त यूपी के लिए वोट करें।

योगी आदित्यनाथ- 30 जनवरी को पश्चिमी यूपी में

ये गर्मी जो अभी कैराना में कुछ जगह दिखाई दे रही है मैं उसे शांत कर दूंगा। मैं मई की गर्मी में भी शिमला बना देता हूं।

अखिलेश यादव-23 फरवरी पश्चिमी यूपी में

मुख्यमंत्री बाबा क पास केबल बुल और बुलडोजर है। सपा सरकार बनते ही बाबा के साथ दोनों गायब हो जाएंगे।

प्रियंका गांधी-13 फरवरी सीएम योगी की टिप्पणी के जवाब में

मैं अपने भाई के लिए जान दे सकती हूं और मेरा भाई भी मेरे लिए जान दे सकता है तो विवाद क्यों?

बड़े मुद्दे जो छाए रहे

बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, किसान आंदोलन और आवारा पशु


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