January 21, 2026

अटल स्मृति सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्व.अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन को किया स्मरण

0
IMG-20251230-WA0014

देहरादून- कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने राजेंद्र नगर स्थित एक निजी वेडिंग प्वाइंट में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अटल स्मृति सम्मेलन में प्रतिभाग किया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का नेतृत्व साहस, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित का अद्वितीय संगम था। उन्होंने कहा कि पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण ने भारत को विश्व मंच पर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि परीक्षण के बाद अटल जी द्वारा दिखाई गई कूटनीतिक परिपक्वता और स्पष्ट नीति उनके दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है।

मंत्री जोशी ने कारगिल युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय सेनाओं ने अद्भुत शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय भारत की सैन्य शक्ति, राष्ट्रीय एकता और अटल जी के दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि पहले जब हमारे जवान सीमा पर शहीद होते थे तो उनके घर केवल राख पहुंचती थी, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने यह परंपरा बदली। उन्होंने शहीदों को सम्मान दिया, उनके बलिदान को राष्ट्र की अस्मिता से जोड़ा और सैनिक सम्मान की भावना को मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने देश की सेवा में समर्पित सैनिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन की अवधारणा का श्रेय स्व.अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है, जिससे सैनिकों और पूर्व सैनिकों को न्याय और सम्मान मिला।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी मानते थे कि शासन का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि सेवा है। उनके लिए सुशासन केवल नीतियाँ नहीं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़ा हुआ विचार था।

उन्होंने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और टेली-कॉम क्रांति जैसे निर्णय आज भी भारत के विकास की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने कहा कि वे असहमति का सम्मान करते थे और संवाद को लोकतंत्र की आत्मा मानते थे। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड राज्य गठन में अटल जी के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे—राष्ट्र प्रथम, सुशासन और लोकतंत्र की विचारधारा। उन्होंने सभी से अटल जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन को और मजबूत करने का आह्वान किया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed