उद्यम सिंह नगर में किसान की आत्महत्या मामले में अब कई सवाल भी खड़े हो रहे है
देहरादून- उद्यम सिंह नगर में किसान की आत्महत्या मामले में अब कई सवाल भी खड़े हो रहे है।
कमिश्नर कुमाऊँ की जांच में साफ दिखेगा कि यह सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर चल रही खींचतान और साजिशों का नतीजा भी हो सकता है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि किसान भाई का सुसाइड नोट किसने टाइप किया?
क्या किसी वकील या किसी अन्य व्यक्ति ने यह नोट तैयार कर उसे दिया?
अगर ऐसा है तो पहली गिरफ्तारी उसी व्यक्ति की होनी चाहिए, जिसने सुसाइड नोट टाइप किया और इस पूरे घटनाक्रम की नींव रखी।
आत्महत्या से दो दिन पहले, 9 तारीख को वीडियो अपलोड किया गया।
क्या परिवार इस सबसे अनभिज्ञ था?
किसान के नजदीकी लोग कहाँ सोए हुए था।
आख़िर किसी ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी, जबकि आज सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखकर लोग अपने दोस्त को ढूँढने निकल जाते हैं?
मामला साधारण नहीं है।
यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम में छिपे उन चेहरों का सवाल है, जिन्होंने किसी को आत्महत्या के लिए प्रेरित किया।
सच सामने आना चाहिए – बिना दबाव, बिना संरक्षण और बिना किसी खेमेबंदी के।
