माह-ए-मुहर्रम 1448 हिजरी का चाँद नज़र आया, यौमे आशूरा (10 मुहर्रम) 26 जून को होगा
देहरादून- आज 29 जिलहिज्जा 1447 हिजरी की शाम देहरादून समेत अन्य इलाकों में माह-ए-मुहर्रम 1448 हिजरी का चाँद देखने का एहतमाम किया गया। चाँद नज़र आने की तस्दीक के बाद शहर काज़ी देहरादून की ओर से माह-ए-मुहर्रम की पहली तारीख का ऐलान किया गया है।
शहर काज़ी देहरादून मुफ्ती हशीम अहमद क़ासमी ने ऐलान फरमाया कि कल बरोज़ बुध, दिनांक 17 जून 2026 को माह-ए-मुहर्रम 1448 हिजरी की पहली तारीख होगी। इसी के साथ इस्लामी नया साल 1448 हिजरी शुरू हो जाएगा। योमे आशूरा (10 मुहर्रम 1448 हिजरी) शुक्रवार, दिनांक 26 जून 2026 को होगा।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि माह-ए-मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का एक अहम और मुबारक महीना है। कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) और उनके साथियों की अज़ीम शहादत हमें हक़, इंसाफ़, सब्र और सच्चाई के रास्ते पर कायम रहने का पैग़ाम देती है।
उन्होंने तमाम मुसलमानों से अपील की कि माह-ए-मुहर्रम की अहमियत को समझते हुए इस महीने में इबादत, दुआ, तिलावत-ए-क़ुरआन और नेक आमाल का एहतमाम करें। साथ ही इमाम हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) की तालीमात से सबक लेते हुए अपने किरदार और अख़लाक़ को बेहतर बनाने की कोशिश करें।
मुफ्ती हशीम अहमद क़ासमी ने कहा कि इस मुबारक महीने में मुल्क और दुनिया में अमन-ओ-अमान, और खुशहाली के लिए ख़ास दुआ करें। समाज में आपसी सौहार्द और सद्भाव को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
