विश्व युवा कौशल दिवस पर लाइफ स्किल्स कोलैबोरेटिव ने उत्तराखंड में युवाओं के नेतृत्व को दिया मंच
देहरादून- विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर लाइफ स्किल्स कोलैबोरेटिव (Life Skills Collaborative 2.0) द्वारा उत्तराखंड में “जीवन कौशल: सफलता की नई परिभाषा – युवाओं के साथ संवाद” विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 106 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें युवा प्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद, नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधि तथा विकास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल रहे।
लाइफ स्किल्स कोलैबोरेटिव देशभर की 36 संस्थाओं का साझा मंच है, जो युवाओं में जीवन कौशल को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। उत्तराखंड में इस पहल के अंतर्गत रूम टू रीड इंडिया, ड्रीम अ ड्रीम, अवंती फेलोज़, लाभया और सिंपल एजुकेशन फाउंडेशन साझेदारी में कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग की निदेशक (ART) श्रीमती वंदना गर्बियाल तथा कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड सरकार की उपनिदेशक चंद्रकांता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के बदलते समय में सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों या रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद कौशल, नेतृत्व, टीमवर्क, सहानुभूति, समस्या-समाधान, निर्णय क्षमता और अनुकूलनशीलता जैसे जीवन कौशल भी युवाओं की सफलता के लिए समान रूप से आवश्यक हैं।
साथ ही, शिक्षा और कौशल विकास तंत्र के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण युवा-नेतृत्व पैनल चर्चा रही, जिसका संचालन एससीईआरटी, उत्तराखंड की श्रीमती शुभ्रा सिंघल ने किया। युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जीवन कौशल ने उन्हें शिक्षा, करियर और सामुदायिक नेतृत्व में चुनौतियों का सामना करने तथा बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाया। चर्चा में इस बात पर भी सहमति बनी कि युवाओं को नीति निर्माण और शिक्षा से जुड़े संवादों में सक्रिय भागीदारी के अधिक अवसर मिलने चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जीवन कौशल को विद्यालयी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने, युवाओं के नेतृत्व को सशक्त करने तथा सरकार, शिक्षा संस्थानों और नागरिक समाज के सहयोग से इस दिशा में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
