July 27, 2026

अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

0
IMG-20260727-WA0002

देहरादून- सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज राजपुर निवासी अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राईफलमैन मनोज राणा की स्मृति में ₹ 27.00 लाख की लागत से शहीद द्वार का शिलान्यास भी किया।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अमर शहीद मनोज राणा का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि एमडीडीए के माध्यम से 27 लाख की लागत से शहीद राईफलमैन मनोज राणा की स्मृति में पहाड़ी शैली में भव्य शहीद द्वार का निर्माण किया जायेगा।उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की और हमें गौरवान्वित किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि शहीदों की कोई जाति या धर्म नहीं होता, उनका सम्मान करना और उनकी स्मृतियों को संजोकर रखना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात प्रत्येक पाँचवाँ सैनिक उत्तराखंड से है और जब-जब राष्ट्र को आवश्यकता पड़ी, उत्तराखंड के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को नई दिशा मिली है तथा रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके आश्रितों के सम्मान और कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।

उन्होंने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैनिकों के सम्मान में भव्य सैन्य धाम का निर्माण कराया जा रहा है, जो पूर्ण होने के बाद राज्य की जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लोग चारधाम के दर्शन के लिए आते हैं, उसी प्रकार सैन्य धाम भी देशभर के लोगों के लिए प्रेरणा और श्रद्धा का केंद्र बनेगा।

उल्लेखनीय है कि शहीद मनोज राणा भारतीय सेना की 15 आरआर, 2/4 गोरखा राइफल्स में तैनात थे। वर्ष 2013 में आज ही के दिन जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed