यूपी के दो शहरों को स्वच्छता के लिए सर्वाेच्च पुरस्कार

0

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणामों में यूपी को विभिन्न पुरस्कार श्रेणियों में सम्मानित किया गया है। इनमें वाराणसी और प्रयागराज को स्वच्छ गंगा टाउन श्रेणी में सर्वोच्च पुरस्कार प्रदान किया गया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम ने आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छता पर स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा की। प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों से पुरस्कार ग्रहण किए। पी के 65 शहर कचरा मुक्त
इसके साथ ही जीएफसी और ओडीएफ परिणाम भी घोषित किए हैं, जिसमें इस वर्ष यूपी में 65 शहरों को कचरा मुक्त शहर के रूप में प्रमाणित किया गया है। जीएफसी शहरों में वन स्टार के 56, थ्री स्टार के 08 और फाइव स्टार का एक शहर शामिल हैं। यूपी इस वर्ष अनेक और कचरा मुक्त शहरों का प्रमाणन हासिल करने का लक्ष्य बना रहा है। इस वर्ष यूपी के सभी शहर ओडीएफ हो गए हैं। ओडीएफ की विभिन्न श्रेणी में 02 यूएलबी ने पहली बार वाटर प्लस प्रमाणन हासिल किया है। ओडीएफ की अन्य श्रेणी में 129 यूएलबी को ओडीएफ++ के रूप में प्रमाणित किया गया है। 435 यूएलबीएस को ओडीएफ+ के रूप में प्रमाणित किया गया है। इन सब श्रेणियों को मिलाकर यूपी के सभी शहर अब ओडीएफ हो गए हैं। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि यूपी ने विगत दो वर्ष में जीएफसी और ओडीएफ में उल्लेखनीय प्रगति की है। जीएफसी यानी कचरा मुक्त शहरों के मामले में इस वर्ष यूपी में 65 शहरों को कचरा मुक्त शहर के रूप में प्रमाणित किया गया है। वर्ष 2021 में केवल 05 शहर ही जीएफसी थे। इस प्रकार, दो वर्षों में इसमें 13 गुना की वृद्धि हुई है। 02 यूएलबी ने पहली बार वाटर प्लस प्रमाणन हासिल किया है। इससे पहले एक भी यूएलबी को वाटर प्लस प्रमाणन नहीं मिला था। यह सर्वोच्च प्रमाणन है जो ओडीएफ++ के बाद मिलता है। 129 यूएलबी को ओडीएफ++ के रूप में प्रमाणित किया गया है। पिछले साल यह आंकड़ा 40 था और 2021 में मात्र 7। 435 यूएलबीएस को ओडीएफ+ के रूप में प्रमाणित किया गया है जबकि पिछले साल इनकी संख्या 411 थी और 2021 में महज 269।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed