सेला पूर्व पर वन गुर्जर समुदाय के बीच पहुंचा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून
देहरादून- सेला पर्व के पावन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा वन क्षेत्र में निवासरत वन गुर्जर समुदाय के मध्य पहुंचकर उनके पारम्परिक पर्व में सहभागिता की गई। इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी जी ने समुदाय के लोगों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उनके समाधान हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने का आश्वासन दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के आग्रह पर कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों एवं वन विभाग के अधिकारियों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान वन गुर्जर समुदाय द्वारा आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज के अभाव में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आने वाली कठिनाईयों सहित कई महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराया गया, जिसके समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून ने वन गुर्जर समुदाय को सेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। कहा कि वन गुर्जर समुदाय का प्रकृति के प्रति समर्पण एवं वृक्षारोपण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा समुदाय को विभिन्न प्रकार के पौधे व ट्री-गार्ड उपलब्ध कराए गए तथा पौधों का वृक्षारोपण कर उनका संरक्षण सुनिश्चित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा ग्रामसभा के प्रतिनिधियों को सोलर लैम्प व छाते प्रदान किये गये तथा कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को स्टेशनरी किट तथा रिफ्रेशमेंट वितरित किया गया, जिससे बच्चों में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता देखने को मिली।
इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा कहा गया कि “प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वंचित एवं दूरस्थ वर्ग तक न्याय, अधिकारों की जानकारी तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सेतु की भूमिका निभाना भी है। गुर्जर समुदाय वास्तव में प्रकृति के सच्चे संरक्षक है। जो समस्याएं हमारे समक्ष रखी गई है, उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण से न्याय तक समान पहुंच- दोनों ही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
कार्यक्रम में गुर्जर समुदाय के बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे, प्रशासनिक एवं वन विभाग के अधिकारी, डिफेंस काउंसिल तथा पराविधिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
