August 11, 2026

देहरादून में दलहन उत्पादन को बढ़ाने को क्लस्टर आधारित माइक्रोप्लानिंग पर जोर

0
IMG-20260811-WA0051

देहरादून- जिला प्रशासन ने दलहनों में आत्मनिर्भरता और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीस्टैक योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में अरहर, उड़द और मसूर के उत्पादन व क्षेत्रफल को बढ़ाने के लिए तुरंत माइक्रोप्लानिंग के तहत क्लस्टर चिन्हित किए जाएं।

बैठक में जिलाधिकारी ने कृषि सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए किसानों व उनकी कृषि भूमि के आंकड़ों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत बीज वितरण, बीज उत्पादन और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर दलहन का रकबा बढ़ाया जाए।

दलहन उत्पादन को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने इंटर-क्रॉपिंग और बंजर भूमि को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। कहा कि किसानों को गन्ने की पंक्तियों के बीच खाली पड़ी जगह में दालों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जो कृषि भूमि बिना उपयोग के खाली छूटी है, उसे तैयार कर दलहन उत्पादन का क्षेत्रफल विस्तार किया जाए। धान-गेहूं के पारंपरिक फसल चक्र के बीच दलहन को शामिल करें। कहा कि इससे मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता भी बढ़ेगी और किसानों को अच्छे उत्पादन के साथ अधिक लाभ प्राप्त होगा।

मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा ने जनपद में दलहन उत्पादन के वर्तमान आंकड़ों और आगामी लक्ष्यों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उड़द वर्तमान में 470 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 274 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2030-31 तक इसका क्षेत्रफल बढ़ाकर 754 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 765 एमटी रखा गया है।

अरहर वर्तमान में 286 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 367 एमटी उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 457 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 686 एमटी तय किया गया है। वही मसूर वर्तमान में 242 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 146 एमटी उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 427 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 453 एमटी निर्धारित किया गया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed