May 25, 2026

एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, ऋषिकेश से विकासनगर तक ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई

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देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए सोमवार को ऋषिकेश, देहरादून और विकासनगर क्षेत्र में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कदम उठाए। इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।

एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले ऋषिकेश क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए लक्कड़घाट रोड स्थित साक्षी महाराज ब्लॉक-सी में निशांत मलिक द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। संबंधित निर्माण बिना आवश्यक स्वीकृतियों के किया जा रहा था, जिसके विरुद्ध पूर्व में भी नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।

ऋषिकेश के निर्मल बाग क्षेत्र में भी एमडीडीए ने सख्ती दिखाई। लेन नंबर-6, ब्लॉक-सी में गुरु कृपा फाउंडेशन द्वारा निर्मित बहुमंजिला अवैध भवन को सील किया गया। इसके अलावा लेन नंबर-10, ब्लॉक-बी में नर्मदा सिंह तथा अजीत राम भट्ट द्वारा किए गए बहुमंजिला निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन भवनों का निर्माण स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई।

प्राधिकरण की कार्रवाई केवल ऋषिकेश तक सीमित नहीं रही। विकासनगर क्षेत्र में भी कई अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। हरबर्टपुर चौक-विकासनगर रोड पर फुर्कान द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया।

वहीं टाइम्स वर्ल्ड स्कूल के सामने कुनाल रोड पर हसन द्वारा किए जा रहे निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त मंडी चौक, चकराता रोड मुख्य मार्ग स्थित विकासनगर बाजार में सुरेंद्र सिंह द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को भी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर सील कर दिया गया। प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

एमडीडीए द्वारा हाल के महीनों में अवैध निर्माणों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य अनियोजित विकास पर रोक लगाना तथा शहरों और कस्बों में सुनियोजित निर्माण व्यवस्था सुनिश्चित करना है। कई लोग बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला और व्यावसायिक भवनों का निर्माण कर रहे हैं, जिससे भविष्य में सुरक्षा और यातायात संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी नागरिकों और भवन स्वामियों से अपेक्षा है कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नियमानुसार मानचित्र स्वीकृत कराएं और निर्धारित मानकों का पालन करें।

उन्होंने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का लक्ष्य सुनियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है, इसलिए किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव में आए बिना नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें और प्राधिकरण के नियमों का पालन करें।

कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, मनीष डिमरी, अमन पाल, सिद्धार्थ सेमवाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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