April 16, 2026

राज्य में महिला सशक्तिकरण की योजनाएं माताओं व बहनों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और प्रेम- मुख्यमंत्री

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देहरादून- सीएम धामी ने कहा कि वे एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में माताओं-बहनों की सेवा में उपस्थित हैं। उन्होंने अपील की कि प्रदेश की किसी भी बहन-बेटी को कभी भी कोई परेशानी हो तो वो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क करें, मुख्यमंत्री का प्रयास रहेगा कि वे स्वयं माताओं व बहनों की परेशानी का संज्ञान लेकर उसका निस्तारण कर एक भाई होने का कर्तव्य निभा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में वृद्धि के लिए जल्द ही ’’जल सखी योजना’’ शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की भी तैयारी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए कनेक्शन, बिल वितरण, बिल वसूली और योजनाओं के रखरखाव का काम, भी आउटसोर्स के आधार पर महिला समूहों को दिया जाएगा। ये सब केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये बहनों के प्रति मेरी जिम्मेदारी और प्रेम है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी रविवार को केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हरबंस कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल, गढ़ीकैंट,देहरादून में आयोजित रक्षाबंधन समारोह 2025 में सम्मिलित हुए।

रक्षाबंधन समारोह में प्रदेशभर से भारी संख्या में उपस्थित माताओं व बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत चुनावों में व्यापक समर्थन देने के लिए समस्त उत्तराखंडवासियों का आभार व्यक्त किया ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृ शक्ति के प्रेम और आशीर्वाद से उन्हें प्रदेश की और अधिक सेवा करने हेतु भरपूर ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व पारस्परिक प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व होने के साथ ही हमें हमारे सामाजिक कर्तव्यों का बोध करवाने वाला त्योहार भी है जो बहनों के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटियों एवं महिलाओं को हर प्रकार से सक्षम, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर कार्य कर रहे हैं। जहां एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और उज्ज्वला योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मोदी सरकार देश की बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत करने के साथ – साथ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, शौचालयों के निर्माण, आवास योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता, मातृत्व अवकाश में वृद्धि तथा बेटियों के लिए सेना और सैनिक स्कूलों का रास्ता खुलवाकर उन्हें सशक्त बनाने का काम भी किया है। इसी का नतीजा है कि देश की महिलाएं खेत में अनाज उगाने से लेकर अंतरिक्ष प्रोगामों का हिस्सा बनने तक और खेलों में मेडल लाने से लेकर सेना में कमान संभालने तक, हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमनें सरकारी नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देकर रोजगार के क्षेत्र में मातृ शक्ति की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमनें “स्वयं सहायता समूहों” को करोड़ों रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रदेश की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद हमारे ’’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’’ के जरिए आज विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों ने अपने मेहनत और आत्मबल के दम पर उद्यमिता के क्षेत्र में अपार सफलताएं हासिल की हैं। हमारे राज्य में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश में 1.63 लाख से अधिक बहनों का लखपति दीदी बनना यह बताता है कि प्रदेश की बहने किसी से भी कम नहीं हैं। महिला समूहों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” से 30 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित होकर 5 करोड़ रुपए से अधिक का करोबार कर चुकी हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री  के नेतृत्व में उन्हें हर घर शौचालय तथा जल जीवन मिशन जैसी महिलाओं के कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देशभर में महिला सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहा है  सभी योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है  उत्तराखंड के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों को केंद्र एवं राज्य सरकार ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का कार्य किया है।

 

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